BIHAR:पशुपतिनाथ से बैद्यनाथ धाम तक हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा, नेपाल के पूर्व मंत्री ने बिहार सरकार को दी बधाई

वरिष्ठ पत्रकार डॉ अरविन्द वर्मा ने मधेश (नेपाल) सरकार के पूर्व मंत्री प्रमोद जायसवाल और बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल से की विशेष वार्ता 

मधेश (नेपाल) के पूर्व खेल कूद मंत्री प्रमोद जायसवाल ने बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल एवं सीएम नीतीश कुमार को दी बधाई

 नेपाल के पशुपति नाथ मंदिर को देवघर के बैद्यनाथ धाम तक जोड़ने वाली हाई स्पीड एक्सप्रेसवे (कॉरिडोर) परियोजना की मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने की घोषणा 

ANA/Indu Prabha 

पटना। मधेश राज्य सरकार, नेपाल के पूर्व खेल कूद एवं समाज कल्याण मंत्री प्रमोद जायसवाल ने बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल द्वारा पशुपतिनाथ मंदिर से झारखंड के बाबा बैद्यनाथ मंदिर तक को हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (एक विशेष रेलवे प्रणाली)  के माध्यम से दोनों प्रमुख तीर्थ स्थलों के बीच लगभग 250 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित एक्सप्रेसवे से 13- 14 घंटे के बजाय 3 घंटे ही रह जाने की उम्मीद है, की जानकारी देने पर प्रसन्नता ज़ाहिर किया। पूर्व मंत्री प्रमोद जायसवाल ने बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल एवं बिहार सरकार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार को बधाई देते हुए आभार प्रकट किया। उक्त तथ्यों का खुलासा वरिष्ठ पत्रकार एवं समाज सेवी डॉ अरविन्द वर्मा ने मधेश (नेपाल) सरकार के पूर्व मंत्री से वार्ता के बाद मीडिया के समक्ष किया। वरिष्ठ पत्रकार डॉ अरविन्द वर्मा ने भारत और नेपाल के बीच धार्मिक व सीमा पार कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की जानकारी मिलने पर बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल से भी वार्ता किया। वार्ता के दौरान पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने वरिष्ठ पत्रकार डॉ अरविन्द वर्मा से कहा मैंने बिहार विधान सभा में जानकारी दिया है कि बिहार होते हुए भारत के झारखंड को नेपाल से जोड़ने वाला हाइ स्पीड कॉरिडोर बनाया जायेगा। आगे डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा यह परियोजना भारत और नेपाल के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संपर्क को नई गति देगी। राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को केंद्र के पास भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। बिहार सरकार नेम वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में सड़क निर्माण परियोजनाओं के लिए 8,260 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को भी प्रमुख योजना माना जा रहा है। पशुपतिनाथ-बैद्यनाथ एक्सप्रेसवे धार्मिक पर्यटन और सीमा पार कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने जा रहे परियोजना से धार्मिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, साथ ही बिहार, झारखंड और नेपाल के बीच व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा प्रस्तावित मार्ग नेपाल से शुरू होकर भीमनगर और बीरपुर के रास्ते भारत में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह एक्सप्रेसवे बिहार के सुपौल जिले सेन गुजरते हुए कई अन्य जिलों को जोड़ेगा, जिनमें मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर, बांका शामिल हैं। इसके बाद यह कॉरिडोर झारखंड के देवघर में समाप्त होगा। डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा अभी बैद्यनाथ धाम और पशुपतिनाथ मंदिर के बीच करीब 534 किलोमीटर की दूरी तय करने में 13-14 घंटे लगते हैं। एक्सप्रेसवे बनने के बाद दूरी लगभग 250 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा परियोजना का मुख्य उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ाना और भारत-नेपाल के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है। इसके साथ ही बिहार और झारखंड के कई जिलों में व्यापार, परिवहन और निवेश के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा भारत-नेपाल सीमा के साथ 554 किलोमीटर सड़कें पहले ही बनाई जा चुकी हैं। नया एक्सप्रेसवे सीमा पार बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेगा।परियोजना से धार्मिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, साथ ही बिहार, झारखंड और नेपाल के बीच व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आगे उन्होंने कहा यदि केंद्र सरकार से मंजूरी जल्द मिलती है, तो इस परियोजना को लगभग पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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