MADHEPURA:बढ़ती ठंड में बच्चों व बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान, सर्दी से बढ़ रहीं सांस व खांसी की बीमारियां : डॉ. कुमार सौरभ

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बढ़ती ठंड में बच्चों व बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान, सर्दी से बढ़ रहीं सांस व खांसी की बीमारियां : डॉ. कुमार सौरभ

रिपोर्ट : रामानंद कुमार, ब्यूरो मधेपुरा

मधेपुरा:
दिन-प्रतिदिन बढ़ती ठंड और ठंडी हवाएं खासकर नन्हे-मुन्ने बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल रही हैं। ऐसे में सुबह और शाम के समय बच्चों को बाहर निकालने से परहेज करना चाहिए। उन्हें गर्म कपड़े, स्वेटर और टोपी पहनाकर रखने की सलाह दी जा रही है, ताकि ठंड से बचाव हो सके।

अस्पतालों में सर्दी के कारण नजला, खांसी और श्वसन संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दोपहर में तेज धूप देखकर कई बार बच्चों के कपड़े कम कर दिए जाते हैं, जिससे वे तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।

इस संबंध में शिवांश हॉस्पिटल के डॉक्टर कुमार सौरभ ने बताया कि बदलते तापमान के कारण नजला, खांसी और सांस की बीमारी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें बच्चों और वृद्धों की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि नवजात बच्चों को हमेशा गर्म कपड़े पहनाकर रखें। वहीं स्कूली बच्चों को तुलसी और अदरक डालकर चाय देना लाभकारी है। इसके साथ ही संतरा, किन्नू और शहद का सेवन भी बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

डॉ. कुमार सौरभ ने यह भी बताया कि ठंड का असर केवल बच्चों पर ही नहीं, बल्कि बड़ों पर भी पड़ता है। सर्दी में बड़ों को सीने में दर्द, दिल की धड़कन तेज होना और सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने सर्दियों में ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रित रखने की सलाह दी, साथ ही अस्थमा के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा। खान-पान में भी संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

वहीं शिवांश हॉस्पिटल के संचालक अश्वनी कुमार ने बताया कि उनके अस्पताल में सभी प्रकार के ऑपरेशन और नॉर्मल डिलीवरी की सुविधा बहुत ही कम खर्च में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अक्सर आर्थिक परेशानी होती है, इसलिए उनका प्रयास है कि पैसे के अभाव में किसी का इलाज न रुके।

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