पूर्णिया और पटना जैसे शहरों में ईलाज नही हो पायी वो मधेपुरा में हुआ सम्भव
रिपोर्ट:-रामानंद कुमार मधेपुरा
हम बात कर रहे हैं मधेपुरा शहर के पश्चिमी बायपास रोड नियर खेदन चौक कृपा हॉस्पिटल की डॉ अनमोल कुमार बताते हैं की एक 65 वर्ष की महिला के आशीर्वाद ने मेरा दिन सच में खास बना दिया।
कई वर्षों से वह अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या से परेशान थीं। इलाज के लिए वह पूर्णिया और पटना तक गईं, जहाँ उन्हें आगे के इलाज के लिए सिलीगुड़ी और दिल्ली जैसे बड़े केंद्रों में जाने की सलाह दी गई। उन्हें सर्वाइकल पॉलिप और एंडोमेट्रियल हाइपरप्लासिया की समस्या थी, जिसे कभी-कभी गर्भाशय के कैंसर के रूप में भी संदेह किया गया।
साथ ही उन्हें क्रॉनिक हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरथायरॉइडिज़्म भी था, इसलिए कई जगह डॉक्टर ऑपरेशन करने से हिचक रहे थे। कई बार पैप स्मीयर और बायोप्सी कराई गईं, जिनकी रिपोर्ट नकारात्मक आई, फिर भी उन्हें सही इलाज नहीं मिल पा रहा था और वे सालों से इधर-उधर भटक रही थीं।
आख़िरकार वह मुझ तक पहुँचीं। इस छोटे से शहर में हमने पूरी योजना और सावधानी के साथ उनका हिस्टेरेक्टॉमी ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया। कल उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी मिली और उनके चेहरे की मुस्कान और दिल से निकले आशीर्वाद ने मेरे इस दिन को यादगार बना दिया।
ऐसे ही पल मुझे याद दिलाते हैं कि मैंने यह पेशा क्यों चुना।
इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं सभी महिलाओं के स्वस्थ, सुखी और सम्मानित जीवन की कामना करता हूँ।
क्योंकि हर घर की असली ताकत और आधार एक महिला ही होती है।
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